अमेरिका-चीन के झगड़े में बाजी मारेगा भारत! जानें क्या है संयुक्त राष्ट्र का कहना

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यदि इसे हल नहीं किया जाता है तो इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर होगा.

Trade War: अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर से भारत व कई अन्य देशों को फायदा होगा. संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की दो शीर्ष इकोनॉमीज के बीच तनाव का फायदा कई देशों को मिलेगा, जिनमें भारत भी शामिल है.

पिछले साल मार्च में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इंपोर्टेड स्टील और एल्युमीनियम पर भारी शुल्क लगाया है. इसके बाद से ही दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर की स्थिति बनी हुई है. जवाबी कार्रवाई करते हुए चीन ने भी अरबों डॉलर के अमेरिकी इंपोर्ट पर भारी शुल्क लगाया है.

संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों का कहना है कि चीन और अमेरिका के बीच ‘जैसे को तैसा’ के ट्रेड विवाद से दोनों ही देशों के घरेलू उत्पादकों को किसी तरह का संरक्षण नहीं मिलेगा. यदि इसे हल नहीं किया जाता है तो इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर होगा.

यूं चल रहा है ट्रेड वॉर

व्यापार एवं विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (अंकटाड) की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के 250 अरब डॉलर के एक्सपोर्ट पर अमेरिका ने शुल्क की दरें ऊंची की हैं. इसमें से सिर्फ छह फीसदी ही अमेरिका की कंपनियां खरीदेंगी. संयुक्तराष्ट्र की रिसर्च के अनुसार, इसी तरह अमेरिका के 85 अरब डॉलर मूल्य के एक्सपोर्ट पर चीन का शुल्क लगा है. इसमें से सिर्फ पांच फीसदी ही चीन की कंपनियां खरीदेंगी.

दोनों देशों के बीच ये हुई है डील

अमेरिका ने चीन से द्विपक्षीय व्यापार में अमेरिका के प्रतिकूल 375 अरब डॉलर के व्यापार घाटे को कम करने की मांग की है. चीन ने इसके लिए अमेरिकी इंपोर्ट और निवेश बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है. इन उपायों को लागू करने के लिए अमेरिका ने एक मार्च 2019 तक का समय तय किया है. संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि यदि अमेरिका और चीन एक मार्च तक अपने शुल्क विवाद को समाप्त करने का फैसला नहीं करते हैं, तो दोनों देशों के उत्पादों पर शुल्क की दर मौजूदा के दस फीसदी से बढ़कर 25 फीसदी पर पहुंच जाएगी.

फायदा पाने वाले देश

इस विवाद से जिन देशों को फायदा होगा उनमें यूरोपीय संघ के सदस्य देश शामिल हैं. यूरोपीय संघ का एक्सपोर्ट इस विवाद से 70 अरब डॉलर बढ़ जाएगा. जापान और कनाडा का एक्सपोर्ट 20-20 अरब डॉलर बढ़ेगा. स्टडी में कहा गया है कि इससे आॅस्ट्रेलिया के एक्सपोर्ट में 4.6 फीसदी, ब्राजील के एक्सपोर्ट में 3.5 फीसदी, भारत के एक्सपोर्ट में 3.5 फीसदी, फिलिपीन के एक्सपोर्ट में 3.2 फीसदी और वियतनाम के एक्सपोर्ट में पांच फीसदी का इजाफा होगा.