पंजाब के अमृतसर में बड़ा ट्रेन हादसा, 58 की मौत की पुष्टि, मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका

299

ये हादसा ऐसे वक्त में हुआ जब लोग रेल की पटरियों पर खड़े होकर दशहरे के जश्न में डूबे थे, तभी पटरियों के दोनों तरफ से ट्रेनें आ गई, जिसने कई लोगों की जान ले ली है.

अमृतसर: बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व पर जब देश जश्न में डूबा था, रावण दहण का दौर जारी था. पंजाब के शहर अमृतसर से बहुत बुरी खबर आई है. अमृतसर के जौडा फाटक के पास एक बड़ा रेल हादसा हुआ और इसमें शुरुआती जानकारी के मुताबिक 15 से 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है. पुलिस ने आशंका जाहिर की है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है. ये हादसा ऐसे वक्त में हुआ जब लोग रेल की पटरियों पर खड़े होकर दशहरे के जश्न में डूबे थे, तभी पटरियों की दोनों तरफ से ट्रेनें आ गई, जिसने कई लोगों की जान ले ली है.

Updates:

11:12PM: अमृतसर हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 58 हुई.

10:56PM: हादसे वाली जगह में बचाव कार्य में सेना भी लगी हुई है.

10:54PM: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृतसर में हुए हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के लिये दो-दो लाख रूपये जबकि घायलों के लिये 50 हजार रूपये के मुआवजे को मंजूरी दी है.

10:42PM: इस घटना पर नवजोत कौर ने कहा कि कार्यक्रम खत्म होने के बाद वह वहां से निकल चुकी थीं. उन्होंने कहा, ”कार्यक्रम खत्म होने के बाद मैं वहां से निकल गई. तभी मुझे कॉल आया कि इस तरह का हादसा हो गया था. जिसके बाद मैं सीधे हॉस्पिटल आ गई. वहां पर क्या हुआ किसी को कुछ समझ नहीं आया. ना तो ट्रेन को धीमे किया और वहां खड़े लोग पटरियों पर ही खड़े होकर सेल्फी ले रहे थे. आरोप लगाने वालों को यह शोभा नहीं देता है.”

10:39PM: चश्मदीद ने दावा किया कि जब ये घटना हुई तब वहां चीफ गेस्ट के रूप में नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू मौजूद थीं. चश्मदीद ने बताया कि हादसे के बाद भी उन्होंने अपना भाषण जारी रखा. इसके साथ ही ये भी दावा किया कि कांग्रेस ने बिना प्रशासन के इजाजत के ये कार्यक्रम आयोजित किया था.

10:32PM: पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने अमृतसर ट्रेन दुर्घटना में मारे गए लोगों के परिजनों के लिए पांच लाख रूपये के मुआवजे की घोषणा की है.

10:26PM: अमृतसर ट्रेन हादसे के बाद एक्शन में पीएम मोदी. रेल राज्यमंत्री स्पेशल विमान से अमृतसर जा रहे हैं. पीएम मोदी के कहने पर हुआ विमान का इंतजाम.

10:18PM: पंजाब में कल सरकारी दफ्तर और स्कूल बंद रहेंगे.

10:09PM: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अमृतसर में ट्रेन दुर्घटना की जांच का आदेश दिया है.

10:00PM:हादसे वाली जगह पर रेस्क्यू टीमें लगातार पहुंच रही हैं.

9:55PM: हादसे की खबर सुनकर रेल मंत्री पीयूष गोयल अपनी अमेरिका ट्रिप कैंसिल कर वापस लौट रहे हैं.

9:46PM: वित्तमंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट किया, अमृतसर में दशहरा त्यौहार मनाते हुए निर्दोष लोगों की मौत से दुखी और परेशान. दुर्घटना दुखद है. भगवान सभी को ताकत दें. उन लोगों के प्रति मेरी संवेदनाएं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया.

9:39PM: अमृतसर ट्रेन हादसे को लेकर helpline number- 0183- 2223171 / 0183- 2564485 जारी किया गया है.

9:35PM: नई दिल्ली स्टेशन से एक स्पेशल ट्रेन अमृतसर के लिए रवाना हो रही है. जिसमें चेयरमैन रेलवे बोर्ड समेत कई अधिकारी जा रहे हैं.

9:28PM: हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद कोई नेता देखने तक नहीं आया.

9:22PM: चश्मदीदों ने कहा कि ऐसा खतरनाक मंजर सिर्फ फिल्मों में देखा था. दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

9:07PM: मौके पर जा रहे हैं रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा.

9:00PM:कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट करके कहा, पंजाब में ट्रेन दुर्घटना जिसमें 50 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, चौंकाने वाला है. मैं राज्य सरकार और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से दुर्घटना स्थल पर तत्काल राहत प्रदान करने का आग्रह करता हूं. मरने वालों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदना. मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द ठीक हों.

8:59PM: अमृतसर पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव ने अमृतसर ट्रेन दुर्घटना पर कहा, मरने वालों का सटीक आंकड़ा ज्ञात नहीं है लेकिन यह निश्चित रूप से 50-60 से अधिक है. हम अभी भी लोगों को निकाल रहे हैं.

8:35PM: पुलिस ने कहा, 50 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. हम लोगों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं, अस्पताल ले जाया गया है. दुर्घटना से कई लोग डर गए हैं.

8:12PM : मरने वालों की संख्या 100 तक हो सकती है लेकिन अभी रेलवे ने कोई संख्या नहीं बताई है.

8:10PM : ट्रैक पर रावण दहन हो रहा था जिससे ट्रेन गुजर गयी, 50 लोगो के मारे जाने की आशंका.

8:06PM :मौके वारदात पर बचाव की टीम पहुंच गई है.

8:05PM :ये हादसा दिल्ली-अमृतसर मार्ग पर हुआ है.

8:00PM : इस रेल हादसे की वजह प्रशासन की लापरवाही मानी जा रही है.