मरीजों को ट्रेन टिकट पर 100% तक छूट देता है रेलवे, 8 बीमारियां आती हैं दायरे में

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मरीजों के अलावा उनके साथ सफर करने वाले एक सहायक को भी यह छूट प्राप्त होती है.

भारतीय रेलवे कुछ विशेष लोगों को सस्ते में सफर करने की सुविधा देता है. इन विशेष लोगों में 13 तरह के लोग आते हैं, जिनमें बुजुर्गों और दिव्‍यांगों के अलावा कुछ खास बीमारियों के मरीज भी शामिल हैं. मरीजों पर किराए का बोझ कम रहे और वे इलाज के लिए एक शहर से दूसरे शहर आ जा सकें, इसी उद्देश्य से रेलवे ने यह सुविधा दी है. इसके तहत रेलवे मरीजों को ट्रेन टिकट पर 100 फीसदी तक की छूट उपलब्ध कराता है. मरीजों के अलावा उनके साथ सफर करने वाले एक सहायक को भी यह छूट प्राप्त होती है. आइए बताते हैं कौन से मरीज रेलवे द्वारा तय कैटेगरी के तहत सस्ते सफर का लाभ ले सकते हैं-

कैंसर के मरीज
अगर कोई कैंसर से पीड़ित है तो उसे इलाज या समय-समय पर होने वाले चेकअप के लिए आने-जाने के लिए ट्रेन टिकट पर 50 से 100 फीसदी तक की छूट तय है. कैंसर के मरीज को ट्रेन के सेकंड, फर्स्‍ट क्‍लास और एसी चेयर कार में सफर पर 75 फीसदी, स्‍लीपर और 3AC में सफर करने पर 100 फीसदी और 1AC और 2AC में सफर करने पर 50 फीसदी की छूट मिलती है. अगर मरीज की देखभाल के लिए कोई एक व्‍यक्ति उसके साथ है तो उस व्‍यक्ति को भी टिकट पर छूट मिलती है. स्लीपर और 3एसी में सहायक को 75 फीसदी छूट का प्रावधान है, इन दोनों के अलावा बाकी किसी भी क्लास में सहायक को मरीज के बराबर ही छूट मिलती है.

थैलेसीमिया, दिल और किडनी के मरीज
थैलेसीमिया एक आनुवांशिक बीमारी है. इसके चलते शरीर में हीमोग्‍लोबिन के बनने में गड़बड़ी पैदा हो जाती है और मरीज को बार-बार खून चढ़ाना पड़ता है. इसके मरीज और उसके एक सहायक को इलाज या चेकअप के लिए ट्रेन से आने-जाने पर, दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों को हार्ट सर्जरी के लिए और किडनी पेशेंट्स को किडनी ट्रांसप्‍लांट ऑपरेशन या डायलिसिस के लिए अकेले या एक सहायक के साथ ट्रेन टिकट पर छूट मिलती है. यह छूट इस तरह है-
– सेकंड क्‍लास, स्‍लीपर, फर्स्‍ट क्‍लास, 3AC, AC चेयर कार में सफर के लिए 75 फीसदी
– 1AC और 2AC में 50 फीसदी

हीमोफीलिया पेशेंट्स
हीमोफीलिया में मरीज के शरीर में खून का थक्का बनना बंद हो जाता है, जिसके चलते शरीर का कोई हिस्सा कट जाने पर खून ज्‍यादा समय तक बहता रहता है. इसमें मरीज की जान भी जा सकती है. हीमोफीलिया के मरीजों को भी इलाज या चेकअप के लिए ट्रेन टिकट पर छूट मिलती है, जो सेकंड, स्‍लीपर, फर्स्‍ट क्‍लास, 3AC, AC चेयर कार में सफर करने पर 75 फीसदी रहती है. एक सहायक की टिकट पर भी यह छूट लागू होती है.

टीबी और नॉन इन्‍फेक्‍शन वाले कुष्‍ठ रोग के मरीज
टीबी और नॉन इन्‍फेक्शियस कुष्‍ठ रोग के मरीजों को ट्रेन के सेकंड, स्‍लीपर और फर्स्‍ट क्‍लास में अकेले या एक सहायक के साथ सफर करने पर टिकट पर 75 फीसदी छूट का प्रावधान है.
एड्स पेशेंट
एड्स के मरीजों को नॉमिनेटेड आर्ट सेंटर्स में इलाज, चेकअप के लिए ट्रेन से आने-जाने के लिए टिकट पर 50 फीसदी छूट मिलती है. यह छूट सेकंड क्‍लास से सफर के लिए होती है.

ऑस्‍टोमी के मरीज
ऑस्‍टोमी के मरीजों को किसी भी उद्देश्‍य के लिए ट्रेन से सफर करने पर 50 फीसदी छूट मिलती है. हालांकि यह छूट उनके मासिक और तिमाही पास पर होती है. इसके अलावा उनके साथ एक सहायक के लिए भी यह छूट लागू होती है.

सिकल सेल एनीमिया और एप्‍लासिटक एनीमिया के मरीज
इन बीमारियों के मरीजों को इलाज और चेकअप के लिए ट्रेन से आने-जाने पर टिकट में 50 फीसदी की छूट मिलती है. यह छूट स्‍लीपर, AC चेयर कार, AC 3 टीयर और AC 2 टीयर क्‍लासेज से सफर में लागू होती है.