वाराणसी से बरामद हुई कछुए की 36 किलो खाल, थाईलैंड भेजने वाले थे तस्कर

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टीम ने एनएच-2 पर अखरी बाईपास के पास खाली गैस सिलेंडर से भरे एक ट्रक को रोककर जांच की. ट्रक के अंदर से दो बोरे बरामद हुए, जिसमें 36 किलो कछुए (547 पीस) की खाल बरामद की. टीम में ट्रक सवार तस्कर मनीष कुमार (निवासी फिरोजाबाद) को भी गिरफ्तार किया.

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआआई) की टीम ने संरक्षित जीव के खाल की तस्करी करने वाले तस्कर को गिरफ्तार करते हुए उसके कब्जे से 36 किलो कछुए की खाल बरामद की है. पकड़ी गई कछुए की खाल की कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है. इस खाल को तस्कर विदेश भेजने वाले थे लेकिन उससे पहले ही कार्रवाई को अंजाम दिया गया.

डीआआई टीम के अनुसार, उसे शुक्रवार को मुखबिर ने सूचना दी कि कि पश्चिमी यूपी से एक युवक कछुओं की खाल को शिकोहाबाद से कोलकाता (पश्चिम बंगाल) लेकर जा रहा है. वहां से इस खाल को बांग्लादेश के रास्ते मलेशिया और थाईलैंड भेजा जाना है.

टीम ने एनएच-2 पर अखरी बाईपास के पास खाली गैस सिलेंडर से भरे एक ट्रक को रोककर जांच की. ट्रक के अंदर से दो बोरे बरामद हुए, जिसमें 36 किलो कछुए (547 पीस) की खाल बरामद की. टीम में ट्रक सवार तस्कर मनीष कुमार (निवासी फिरोजाबाद) को भी गिरफ्तार किया.

डीआरआई के सीनियर इंस्पेक्टर आनंद राय ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय वन्य जीव अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की गई है. वह लंबे समय से खाल को लेकर शिकोहाबाद से पश्चिम बंगाल पहुंचाने का काम कर रहा था.

उन्होंने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे ये खाल का बोरा शिकोहाबाद के गजेंद्र नामक व्यक्ति ने दी थी और उसे कोलकता के तारक नामक व्यक्ति को देनी थी. इसे वह बांग्लादेश के रस्ते मलेशिया, थाईलैंड जैसे देशों में तस्करी करता.