हवस पूरी न होने पर वहशी दरिंदे ने घोंट दिया था नाबालिक का गला

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रायबरेली। अपराध और अपराधियों पर फिलहाल रायबरेली पुलिस भारी पड़ती नजर आ रही है। आपराधिक वारदातों का चंद घंटों में ही स्वाट सर्विलांस टीम की मदद से खुलासा कर दिया जा रहा है। पुलिस ने जहां गदागंज थाना क्षेत्र में 7 घंटे के भीतर ही लूट का पर्दाफाश कर दिया वहीं भदोखर थाना क्षेत्र में हुई नाबालिग की हत्या का हत्यारा भी 12 घंटे के भीतर ही दबोच लिया गया। भदोखर पुलिस ने सर्विलांस व स्वाट टीम की मदद से नाबालिक को हवस का शिकार बनाने में असफल होने पर उसे मौत के घाट उतारने वाले वहशी दरिंदे को दबोच लिया है। पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह प्रेस वार्ता के दौरान इस हत्याकांड का खुलासा किया और गुड वर्क करने वाली पुलिस टीम को शाबाशी दी।

जानकारी के अनुसार भदोखर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सैदनपुर गांव निवासी अनीश की 16 वर्षीय पुत्री आयशा सुबह शौच के लिए घर से निकली थी लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी। परिजन जब खोजबीन के लिए निकले तो झाड़ियों में आयशा का शव पड़ा मिला। आयशा के कपड़े अस्त-व्यस्त थे। वह जो साल और कर सोच के लिए निकली थी उसी से उसका गला घोटा गया था। कपड़ों की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा रहा था कि हत्यारोपी ने बलात्कार के बाद गला घोंटकर हत्या की है लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस ने अपनी जांच को और आगे बढ़ाया और घटनास्थल की बारीकी से छानबीन की तो हत्यारे का सुराग लग गया। पुलिस ने चंद घंटे में ही सैदनपुर गांव के ही मनोज कुम्हार पुत्र औसान को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए हत्यारोपी ने बताया कि शौच के लिए आई आयशा के साथ वह दुराचार करना चाहता था लेकिन आयशा ने शोर मचा दिया जिसके चलते उसको खुद के पकड़े जाने का डर हुआ और उसने आयशा के शाल से ही उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। लाश को झाड़ियों में छिपा दिया। एसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी की आम शोहरत खराब है। उसे गांव में उसकी हरकतों की वजह से शिकारी कहा जाता है। हत्या के खुलासे में भदोखर थानाध्यक्ष राजकुमार पांडेय, स्वाट टीम प्रभारी राकेश सिंह, सर्विलांस प्रभारी अमरेश त्रिपाठी, उप निरीक्षक पंकज सोनकर, एसआई नरेंद्र सिंह, मनोज कुमार सिंह, संतोष सिंह, राम आधार, अनिल कुमार, कौशल किशोर आदि का योगदान रहा।